CBSE Class 12 Supplementary Result 2026: उत्तर पुस्तिका की Scanned Copy, Verification और Re-evaluation का पूरा शेड्यूल जारी

CBSE Class 12 Supplementary Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 12वीं सप्लीमेंट्री परीक्षा 2026 के परिणाम घोषित करने के बाद अब पोस्ट-रिजल्ट सुविधाओं का आधिकारिक शेड्यूल जारी कर दिया है। जो छात्र अपने रिजल्ट या अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, वे अपनी जांची गई उत्तर पुस्तिका (Answer Book) की स्कैन कॉपी प्राप्त करने, अंकों के सत्यापन (Verification of Marks) और पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation) के लिए तय समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

CBSE Class 12 Supplementary Result 2026

CBSE 12th Supplementary Scanned Copy व Re-evaluation की महत्वपूर्ण तिथियां

बोर्ड द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन आवेदन विंडो 31 अगस्त 2026 से 1 सितंबर 2026 तक खुली रहेगी। इसके बाद, जो छात्र मार्क्स वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन कराना चाहते हैं, वे 7 सितंबर और 8 सितंबर 2026 को आवेदन कर सकेंगे। किसी भी परिस्थिति में ऑफलाइन आवेदन या तय समय सीमा के बाद प्राप्त आवेदनों को स्वीकार नहीं किया जाएगा।

सुविधा (Facility)आवेदन की तिथि (Application Dates)आवेदन शुल्क (Fee)
उत्तर पुस्तिका की Scanned Copy31 अगस्त से 01 सितंबर, 2026₹100 प्रति विषय
अंकों का सत्यापन (Verification of Marks)07 से 08 सितंबर, 2026₹100 प्रति उत्तर पुस्तिका
उत्तरों का पुनर्मूल्यांकन (Re-evaluation)07 से 08 सितंबर, 2026₹100 प्रति प्रश्न

Answer Book की Scanned Copy प्राप्त करना अनिवार्य

CBSE ने स्पष्ट नियम निर्धारित किया है कि मार्क्स वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन करने से पहले छात्रों को अपनी उत्तर पुस्तिका की स्कैन कॉपी प्राप्त करना अनिवार्य होगा। स्कैन कॉपी मिलने के बाद छात्र यह जांच सकते हैं कि सभी प्रश्नों का ठीक से मूल्यांकन हुआ है या नहीं, अंकों की गणना सही है और कुल प्राप्तांक रिजल्ट शीट व डिजिलॉकर के डेटा से मेल खा रहे हैं या नहीं।

CBSE Re-evaluation 2026 के जरूरी नियम और शर्तें

पुनर्मूल्यांकन की सुविधा केवल थ्योरी (Theory) भाग के लिए ही उपलब्ध होगी। बोर्ड के दिशा-निर्देशों के तहत री-इवैल्यूएशन पूरे प्रश्न पर लागू होगा, न कि प्रश्न के किसी एक उप-भाग पर। आवेदन करते समय छात्रों को सीबीएसई की आधिकारिक मार्किंग स्कीम के आधार पर पुनर्मूल्यांकन मांगने का ठोस कारण भी स्पष्ट करना होगा।

अंक घटने या बढ़ने पर अंतिम निर्णय

सीबीएसई ने छात्रों को सतर्क किया है कि वेरिफिकेशन या री-इवैल्यूएशन के बाद अंक बढ़ भी सकते हैं और घट भी सकते हैं। यदि प्रक्रिया में 1 अंक की भी कमी होती है, तो उसे संशोधित परिणाम में दर्ज किया जाएगा। बोर्ड द्वारा जारी किया गया री-इवैल्यूएशन परिणाम पूरी तरह अंतिम होगा और इसके विरुद्ध किसी भी प्रकार की अपील या समीक्षा स्वीकार नहीं की जाएगी।

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WA TG